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मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आने की आखिर वजह कà¥à¤¯à¤¾ है? जाने इससे निपटने के उपाय
à¤à¤• महिला में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और डिलिवरी को लेकर कई तरह के डर होते हैं। उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है डिलिवरी के बाद बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• का कम बनना। चाइलà¥à¤¡ बरà¥à¤¥ के बाद जब नà¥à¤¯à¥‚ मदरà¥à¤¸ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराना शà¥à¤°à¥‚ करती है तो शिशॠको ठीक से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग न करा पाने का डर उसके मन में बना रहता है। लेकिन, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना लगà¤à¤— सिरà¥à¤« आपकी ही समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं हैं। à¤à¤¸à¥€ बहà¥à¤¤-सी माà¤à¤‚ हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• कम बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना किन वजहों से होता है, इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में इस ही विषय पर ही चरà¥à¤šà¤¾ की गई है। साथ ही यहां लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ बढ़ाने के उपाय à¤à¥€ बताठगठहैं।
लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ (Low Breast Milk Supply) कà¥à¤¯à¤¾ है?
मदरहà¥à¤¡ के शूरूआती दिनों में नà¥à¤¯à¥‚ मॉम के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में कम दूध बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जब मां अपने नवजात शिशॠकी जरूरतों को पूरा करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होती है, तो माना जाता है कि मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम बन रहा है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मानती हैं कि दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम है:
निपलà¥à¤¸ से दूध का रिसाव न होना,
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ पहले से कम à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ महसूस होना,
बचà¥à¤šà¥‡ को अधिक दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है,
शिशॠके नियमित फीडà¥à¤¸ कम होना।
लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दिखने वाले कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के जरिठपता चलता है कि मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम बन रहा है। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से हैं:
शिशॠनियमित रूप से सà¥à¤Ÿà¥‚ल पास नहीं करता है। दिन में लगà¤à¤— 5-6 बार से कम पूप करना या लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ पूपà¥à¤¸ करना बताता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को उचित मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• नहीं मिल रहा है।
यदि शिशॠके यूरिन का रंग गहरा पीला है तो यह सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध कम आने की ओर इशारा करता है। जनà¥à¤® के 6 महीने तक केवल मां के दूध से ही शिशॠहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होता है। इससे पता चलता है कि बचà¥à¤šà¤¾ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ नहीं हो पा रहा है और उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध की जरूरत है।
à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚ बॉरà¥à¤¨ बेबी दिन में लगà¤à¤— 8-10 बार टॉयलेट करता है। यदि वह इससे कम बार यूरिन पास कर रहा है, तो मतलब है कि मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध कम आ रहा है।
शिशॠका वजन न बà¥à¤¨à¤¾à¥¤ जो शिशॠसही से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करते हैं उनका औसतन वजन à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो से तीन किलो तक बॠजाना चाहिà¤à¥¤ अगर शिशॠका वेट सही दर से रहा है तो हो सकता है उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• न मिल पा रहा हो।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना हो सकता है इन कारणों से
गà¥à¤²à¥ˆà¤‚डà¥à¤¯à¥‚लर टिशà¥à¤¯à¥‚ में कमी
कà¥à¤› महिलाओं के सà¥à¤¤à¤¨ सामानà¥à¤¯ रूप से (विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से) विकसित नहीं होते हैं जिसकी वजह से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में मिलà¥à¤• डकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ सही से विकसित नहीं हो पाती हैं। हालांकि, हर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान मिलà¥à¤• डकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ डेवलप होती हैं और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नलिकाओं और टिशà¥à¤¯à¥‚ के विकास को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है। इसलिà¤, दूसरी या तीसरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ की समसà¥à¤¯à¤¾ कम हो सकती है। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना कोई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है। इसके लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकते हैं। पमà¥à¤ªà¤¿à¤‚ग या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ाने के लिठमेडिसिन लेने की सलाह डॉकà¥à¤Ÿà¤° दे सकते हैं। इसके साथ ही शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• à¤à¥€ दिया जा सकता है। हालांकि, मां का दूध बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, दिमाग के विकास और पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने के लिठसबसे बेसà¥à¤Ÿ होता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की वजह से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना
मेडिकल और कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कारणों के वजह से की गई बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€ लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ का कारण बन सकती है। इससे मिलà¥à¤• डकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है जिससे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। हालांकि, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की वजह से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना कई चीजों पर निरà¥à¤à¤° करता है जैसे सरà¥à¤œà¤°à¥€ कैसे की गई थी, सरà¥à¤œà¤°à¥€ और शिशॠके जनà¥à¤® के बीच कितना समय था आदि।
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² या à¤à¤‚डोकà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना
पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (पीसीओà¤à¤¸), लो या हाई थायरॉयड, डायबिटीज, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª) या अनà¥à¤¯ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ की वजह से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। इन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का असर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पर à¤à¥€ पड़ सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दूध बनाना कà¥à¤› हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसके लिठआप अपनी हेलà¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट सही तरीके से करवाà¤à¤‚। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ का उपचार आपको सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
बरà¥à¤¥ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² मेथडà¥à¤¸ के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली बहà¥à¤¤ सी महिआà¤à¤‚ बरà¥à¤¥ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² पिलà¥à¤¸ का सेवन करती हैं जिसकी वजह से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। हालांकि, उनके मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में कोई बदलाव नहीं आता है। लेकिन कà¥à¤› महिलाओं में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बरà¥à¤¥ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² (दवाà¤à¤‚, पैच या इंजेकà¥à¤¶à¤¨) मेथडà¥à¤¸ से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में कमी आ सकती है। शिशॠके चार महीने पूरे होने से पहले अगर आप गरà¥à¤ निरोधक तकनीकों का उपयोग शà¥à¤°à¥‚ करती हैं, तो इसकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना की वजह हरà¥à¤¬à¥à¤¸
जहां मेथी जैसी जड़ी-बूटियाठदूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मददगार साबित होती हैं। वहीं, कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ हरà¥à¤¬à¥à¤¸ हैं जो आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को कम कर सकती हैं। पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾, अजवायन, लेमन बाम और अजमोद कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ ही हरà¥à¤¬à¥à¤¸ हैं जिनक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में लेने से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ कम हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‡ की सकिंग à¤à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€
शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध न मिल पाना सिरà¥à¤« लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं बलà¥à¤•ि बचà¥à¤šà¥‡ की सकिंग à¤à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की वजह से à¤à¥€ हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ शिशॠका सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध निकालना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। अगर बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में टिशॠकी पतली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की जीठको कसकर पकड़ लेती है,तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर पाने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होता है। इस सिचà¥à¤à¤¶à¤¨ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ की बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° होगा।
रात में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग न कराना
कई महिलाà¤à¤‚ रात के समसà¥à¤¯à¤¾ में शिशॠको फीडिंग नहीं करा पाती हैं जिससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। दरअसल, अगर सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को पूरी तरह से जलà¥à¤¦à¥€ खाली नहीं किया जाता है, तो दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम हो सकती है। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध कम आना की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठशिशॠको रात में दूध पिलाना आवशà¥à¤¯à¤• है।
बरà¥à¤¥ मेडिकेशन
डिलिवरी के समय उपयोग की जाने वाली दवाà¤à¤‚, जैसे कि à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• या डेमेरोल, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं। कà¥à¤› सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ की माने तो इन दवाओं का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¤• महीने तक दिखाई दे सकता है। वहीं, पीलिया नवजात शिशà¥à¤“ं में होने वाली à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। इसके चलते शिशॠसामानà¥à¤¯ से à¤à¥€ अधिक नींद आ सकती है, जिससे वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठनियमित अंतराल पर उठता नहीं है। दोनों ही मामलों में, बेहतर मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ के लिठमां को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• पंप करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग और शराब के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की वजह से à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। इसकी वजह बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• में कमी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मां का दूध बढ़ाने के तरीके कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के कई तरीके हैं, जिनमें से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेना सबसे सही है। उचित डायट से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचा जा सकता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं को सौंफ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ इससे लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को ठीक किया जा सकता है। इसके लिठआप सौंफ वाली चाय à¤à¥€ पी सकती हैं।
मां का दूध बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में कचà¥à¤šà¤¾ पपीता à¤à¥€ मदद करता है। दरअसल, इसको खाने से ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ का लेवल बढ़ता है, जो सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बढ़ाने में मदद करता है।
काले तिल में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पाया जाता है, जो दूध बढ़ाने में हेलà¥à¤ª कर सकता है।
मेथी दाने का उपयोग दूध बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में काफी कारगर साबित होते हैं। हालांकि, इनका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ थोड़ा कड़वा लग सकता है लेकिन, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को दूर करने के लिठआप लहसà¥à¤¨ का सेवन à¤à¥€ कर सकती हैं।
नà¥à¤¯à¥‚ मदरà¥à¤¸ के लिठशतावरी काफी फायदेमंद मानी जाती है। विटामिन-के, फाइबर और विटामिन-ठसे à¤à¤°à¤ªà¥‚र यह हरà¥à¤¬ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ाने में मदद करती है।
जीरे की संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ दूध बढ़ाने में आपकी हेलà¥à¤ª कर सकती है।
गाजर में विटामिन-à¤, à¤à¤²à¥à¤«à¤¾ और बीटा-कैरोटीन पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं। इनको खाने से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
पालक को डायट में शामिल करें। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बà¥à¤¨à¥‡ के साथ ही खून की कमी की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दूर होगी।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान न खाà¤à¤‚ ये चीजें
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान कॉफी, खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, हाई- मरकà¥à¤¯à¥‚री फिश, à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल, मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨, शैलफिश आदि से दूर रहना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना दूर करने के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
नवजात शिशॠको दिन में आठसे 10 बार बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराà¤à¤‚।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ की वजह से à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इससे ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज होने में समसà¥à¤¯à¤¾ आती है।
à¤à¤²à¥à¤•ोहल और निकोटीन का सेवन करने से बचें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें जब आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराà¤à¤‚, दोनों बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¤ कराà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से बॉडी में मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जरà¥à¤°à¤¤ बढ़ेगी।
सà¥à¤•िन टू सà¥à¤•िन कॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ रखें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को देर तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने में आसानी मिलेगी और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध बनेगा।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ चिंता करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है?
नहीं, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› फूडà¥à¤¸ का सेवन à¤à¥€ मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं। वहीं, हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ की वजह से à¤à¥€ देखी जा सकती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाली दवाओं के सेवन से इसे दूर किया जा सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना चाहिà¤?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि हेलà¥à¤¦à¥€ डायट मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पर असर डालती है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग कराने वाली महिला को हर दिन 500 à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ कैलोरी की जरूरत होती है। लेकिन इसके लिठआपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने से अधिक इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कि हेलà¥à¤¦à¥€ खाà¤à¤‚। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना à¤à¤¸à¤¾ करने से दूर किया जा सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना शिशॠकी सेहत को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है?
छह महीने तक शिशॠका आहार मां का दूध ही होता है। इसकी कमी से बचà¥à¤šà¥‡ में विकास संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। आमतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की कमी से मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा आ सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करने से दूध कम बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ निपटा जा सकता है?
नहीं, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मसाज से मां के दूध को नहीं बà¥à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है। लेकिन, इससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• निकलना थोड़ा आसान हो सकता है। साथ ही इससे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की सूजन कम होती है।
मां का दूध बेशक शिशॠके लिठअमृत का काम करता है जिससे उसे उचित पोषण मिलता है। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कम आना मां के लिठचिंता का विषय है। इसलिà¤, हर मां को लो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ के कारण और दूध बढ़ाने के उपाय जानना जरूरी है। हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल आपके लिठफायदेमंद साबित होगा।
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